सोमतीर्थ कुंड पर श्रद्धालुओं सुविधार्थ आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण की गई नगर निगम ने कमरकसी, आज अमृत सिद्धि योग में सोमवती अमावस्या

उज्जैन। सोमवार को तडके से ही शहर में अमृत सिद्धि योग में सोमवती अमावस्या का स्नान होगा। सोमतीर्थ पर बडी संख्या में अंचल के श्रद्धालु जुटेंगे,इसके साथ ही शिप्रा के विभिन्न घाटों पर भी स्नान होगा। नगर निगम ने श्रद्धालु स्नान के सुविधार्थ तैयारियां पूर्ण कर ली है। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के अनुसार  सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की सुलभ सुविधा एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।सोमवती अमावस्या स्नान को लेकर रविवार को नगर निगम आयुक्त ने स्थल निरीक्षण किया है।इस दौरान नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ सोमतीर्थ कुंड एवं रामघाट पर निगम द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारु व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देशित किया कि हरसिद्धि पाल से रामघाट मार्ग तक चौड़ीकरण के दौरान आवश्यक बेरिकेटिंग करे पर्व स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, घाटों पर सफाई एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे।ये व्यवस्थाएं की गई-निगम द्वारा सोमतीर्थ पर श्रद्धालुओं के लिए स्नान हेतु फव्वारों की व्यवस्था, मार्ग के सूचना संकेतक बोर्ड, समतलीकरण,कंट्रोल रूम, महिला एवं पुरुषों के लिए पृथक चेंजिंग रूम, टेंट-शामियाने, पार्किंग स्थल तथा चलित शौचालयों एवं सफाई की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सोमवती अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों। इसके साथ ही निगम द्वारा अन्य प्रमुख घाटों पर भी शिफ्ट वार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे सफाई, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाएं निरंतर संचालित हो सकें, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निगम आयुक्त द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा को निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करें।सोमतीर्थ कुंड , मोक्षदायिनी में लगेगी डुबकी-15 जून को सोमवार के दिन मृगशिरा नक्षत्र एवं शूल गंड योग में वृषभ उपरांत मिथुन राशि के चंद्रमा की साक्षी में अमावस्या पुरुषोत्तम मास की पूर्णता के साथ आएगी। सोमवार को अमावस्या समाप्त होते ही अधिक मास भी पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद शुद्ध ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष का आरंभ होगा। सोमवती अमावस्या पर आ रहे अमृत सिद्धि योग में श्रद्धालु पुण्य सलीला शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे । इस बार अमावस्या पर बनने वाले अमृत सिद्धि योग का विशेष महत्व है। इस दिन देव, ऋषि, पितृ एवं दिव्य मनुष्य तर्पण विधान के साथ तीर्थ श्राद्ध तथा पितरों के निमित्त किए गए कामना-परक श्राद्ध का कई गुना पुण्य फल प्राप्त होगा। मध्यरात्रि में साधना करने वाले साधकों और उपासकों के लिए भी यह समय विशेष ऊर्जा प्रदान करने वाला रहेगा। इस दृष्टि से अमृत सिद्धि योग में किए गए धार्मिक कार्यों का पुण्य अमृत तुल्य माना जाएगा। धार्मिक उपासना के लिए यह अमावस्या अत्यंत महत्वपूर्ण है। जानकारों के अनुसार दशकों बाद इस प्रकार का शुभसंयोग बन रहा है। पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष की यह अमावस्या उदयकाल से स्पर्श में रहेगी, किंतु दर्श अमावस्या होने के कारण इसका प्रभाव पूरे दिन रहेगा। साधना, उपासना और आराधना की दृष्टि से भी यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी गई है। इसी दिन दोपहर 12-32 बजे सूर्य वृषभ राशि को छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश करेगा। पुरुषोत्तम मास में जो उपासक, साधक, दर्शनार्थी या यात्री किसी कारणवश दान-धर्म अथवा धार्मिक अनुष्ठानों में भाग नहीं ले पाए हों, वे इस अमावस्या पर संकल्प के अनुसार अपने इष्ट की सिद्धि और पितरों की प्रसन्नता के लिए धार्मिक कृत्य कर सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार, श्रद्धापूर्वक किए गए छोटे-से प्रयास से भी इष्ट और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।भगवान महाकाल को महाभोग अर्पित-आज प्रातः कालीन कालीन भस्म आरती में परंपरा अनुसार भगवान श्री महाकालेश्वर जी को पुरुषोत्तम मास के पूर्ण होने पर एक दिन पूर्व चतुर्दशी तिथि को पंचामृत अभिषेक, श्रृंगार के बाद महाभोग अर्पित किया एवं आरती की गई।

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